डायबिटीज डाइट चार्ट – मधुमेह में क्या खाएं और क्या न खाएं
मधुमेह यानी डायबिटीज को आम भाषा में शुगर भी कहा जाता है। डायबिटीज लंबे समय तक चलने वाली ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर प्रभावी ढंग से इंसुलिन का उपयोग नहीं कर पाता है। इस स्थिति में शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। डायबिटीज ऐसी गंभीर स्थिति है जो अपने साथ साथ कई और गंभीर बीमारियों के खतरे बढ़ा देती है।
डायबिटीज को सही तरीके से मैनेज करने के लिए डाइट यानी आहार का खास ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। शरीर में ब्लड शुगर का स्तर आहार पर ही निर्भर करता है क्योंकि खाया जाने वाला आहार सीधे तौर पर शरीर में ग्लूकोज के स्तर को प्रभावित करता है। ऐसे में खान-पान की खराब और असंतुलित आदतें किडनी की परेशानी, नर्वस सिस्टम के डैमेज और दिल की बीमारी आदि का कारण बन सकती है। इस लेख में जानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों को इस बीमारी को मैनेज करने के लिए अपनी डाइट में सही और सटीक बदलाव करते हुए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।
डायबिटीज रोगियों को क्या खाना चाहिए?
डायबिटीज रोगियों को अपनी डाइट का प्रबंधन करते हुए इस बात का ध्यान रखना चाहिए खाए गए भोजन से उनको पोषण भी मिले और शरीर में ब्लड शुगर का स्तर भी सामान्य रहे। डायबिटीज रोगियों को ये आहार अपनी डाइट में शामिल करने चाहिए –
- बिना स्टार्च वाली सब्जियां (Non-Starchy Vegetables) डायबिटीज रोगियों को ऐसी सब्जियों का सेवन करना चाहिए जिनमें स्टार्च न हो। इन सब्जियों में पालक, शिमला मिर्च और ब्रोकली जैसी सब्जियां शामिल हैं। फाइबर से भरपूर इन सब्जियों में कार्बोहाइड्रेट कम होता है। ये सब्जियां शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ाए बिना शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स प्रदान करती हैं।
- साबुत अनाज (Whole Grains) डायबिटीज रोगियों को साबुत अनाज को डाइट में शामिल करना चाहिए जैसे ब्राउन राइस, क्विनोआ, ज्वार और ओट्स। साबुत अनाज धीरे धीरे ऊर्जा प्रदान करते हैं और ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ने से रोकते हैं। खास बात ये है कि साबुत अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं।
- स्वस्थ वसा (Healthy Fats) स्वस्थ वसा न केवल ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकती है बल्कि इससे दिल की सेहत भी सही रहती है। ये शरीर में सूजन कम करने के साथ साथ शरीर को पर्याप्त एनर्जी भी देती हैं। स्वस्थ वसा के लिए डायबिटीज रोगियों को जैतून का तेल, नट्स, बीज और एवोकाडो का सेवन करना चाहिए।
- लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल (Low-Glycemic Fruits) ऐसे फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, उनके सेवन से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर नहीं बढ़ता है। ये फल फाइबर और अन्य कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन फलों में सेब, संतरा और जामुन जैसे फल शामिल हैं।
डायबिटीज रोगियों को क्या नहीं खाना चाहिए?
डायबिटीज रोगियों को ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए जिनके सेवन से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता हो। डायबिटीज रोगियों के लिए नुकसानदेय कहे जाने वाले खाद्य पदार्थ इस प्रकार हैं –
- ज्यादा मीठे और ज्यादा चीनी वाले पेय (Sugary Beverages) डायबिटीज रोगियों को ज्यादा चीनी युक्त ड्रिंक्स का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि ये शरीर में जाकर ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं, जिससे डायबिटीज को मैनेज करने में दिक्कत आती है। ऐसे ड्रिंक्स में पैकेट बंद जूस, कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा औऱ एनर्जी ड्रिंक्स आते हैं। इसकी बजाय डायबिटीज रोगी हर्बल टी या बिना चीनी वाली चाय का सेवन कर सकते हैं।
- रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स फूड्स (Refined Carbohydrates Foods) रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट युक्त पदार्थ भी डायबिटीज रोगियों को नहीं खाने चाहिए। दरअसल ये खाद्य पदार्थ शरीर में जाकर ग्लूकोज के तेजी से अवशोषण (sugar absorption) का कारण बनते हैं जिससे ब्लड शुगर में तेजी से उतार चढ़ाव होता है। इससे डायबिटीज के मरीज की स्थिति गंभीर होती है। इन खाद्य पदार्थों में सफेद ब्रेड। पास्ता, केक, पेस्ट्रीज आदि शामिल हैं।
- ज्यादा सोडियम युक्त फूड्स (High-Sodium Foods) डायबिटीज रोगियों को ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए जो प्रोसेस्ड (processed foods) किए गए हों, जैसे डिब्बा बंद सूप और डिब्बा बंद रेडी टू इट फूड्स। इसके साथ साथ ऐसे फूड्स जिनमें ज्यादा नमक डाला गया हो, जैसे अचार आदि भी डायबिटीज रोगियों के लिए सही नहीं माने जाते हैं। आपको बता दें कि ज्यादा नमक के सेवन से शरीर में सोडियम बढ़ जाता है जो हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है। डायबिटीज रोगियों के लिए हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर मेडिकल कंडीशन हो सकती है।
- फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स (Full-Fat Dairy Products) ज्यादा वसा यानी फैट वाले फूड्स जैसे फुल क्रीम दूध, क्रीम, चीज और अन्य डेयरी प्रोडक्ट भी डायबिटीज रोगियों को नुकसान करते हैं। इनमें सैचुरेटेड फैट (saturated fats) की मात्रा ज्यादा होती है जिससे वजन और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के खतरे पैदा हो जाते हैं। ज्यादा वजन औऱ ज्यादा कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) भी डायबिटीज रोगियों के लिए गंभीर होता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए सैंपल डाइट चार्ट
डायबिटीज जैसी बीमारी को मैनेज करने के लिए आदर्श और कैलोरी कंट्रोल करने वाला सटीक डाइट चार्ट काफी महत्वपूर्ण है। यहां उदाहरण के तौर पर एक सैंपल डाइट चार्ट दिया जा रहा है।
- समय भोजन का सुझाव
- सुबह तड़के एक गिलास गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच मेथीदाना।
- ब्रेकफास्ट एक गिलास छाछ, कम कैलोरी वाला एक फल, मल्टीग्रेन या ब्राउन ब्रेड का एक स्लाइस या साबुत अनाज से बनी एक चपाती।
- मिड मॉर्निंग स्नैक्स एक कप ग्रीन टी और फ्रूट सलाद।
- दोपहर का भोजन 50 ग्राम ब्राउन राइस या मिलेट्स से बनी एक रोटी, इसके साथ एक कटोरी सब्जी, दाल और सलाद।
- लंच के बाद का स्नैक्स एक कप ग्रीन टी।
- शाम का स्नैक्स एक कटोरी सलाद या स्प्राउट्स (अंकुरित दाल, चना आदि)।
- रात का भोजन मल्टीग्रेन ब्रेड का एक स्लाइस, साबुत अनाज से बनी रोटी और एक कटोरी सब्जी।
ऊपर दिया गया डाइट चार्ट सामान्य दिशा निर्देश हैं डायबिटीज रोगियों को व्यक्तिगत डाइट चार्ट के लिए किसी डॉक्टर से परामर्श करना फायदेमंद साबित होगा। डायबिटीज को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए संतुलित डाइट चार्ट के साथ साथ ब्लड शुगर की नियमित निगरानी भी जरूरी है। डायबिटीज टेस्ट के लिए डॉ। पैथलैब्स में टेस्ट बुक करवाना चाहिए।
FAQ
1. क्या डायबिटीज रोगी चावल का सेवन कर सकते हैं?
डायबिटीज रोगी साबुत अनाज या ब्राउन राइस (Brown Rice) का सेवन कर सकते हैं। इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और ये शरीर में ब्लड शुगर का स्तर संतुलित रखने में मदद करते हैं।
2. डायबिटीज रोगियों की डाइट में पोर्शन कंट्रोल कितना जरूरी है?
शरीर मे ब्लड शुगर के सही मैनेजमेंट के लिए डाइट मे पोर्शन कंट्रोल यानी हर पोषक तत्व सही अनुपात में होना चाहिए। डाइट में कार्ब्स, प्रोटीन और फैट का सही अनुपात ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है।